Thursday, September 3, 2015

मुलाकात

और बातों ही बातों में होबोजा को 8 दिन हो गए थे...
रोशनी ने बतौर इंटर्न जॉइन किया था विकास का ऑफिस... एक महीने के लिए आई थी वो...  दोनों अलग अलग टीम में थे लेकिन दोनों ने एक दूसरे के बारे में सुना जरूर था।

अलग टीम होने के कारण कभी बात नहीं हो पाई थी.. या फिर कभी दोनों में से किसी ने बात करने के कोशिश ही नहीं की... खैर, शुक्रवार 28 अगस्त को बात शुरू हुई..

उस दिन एक सीनियर मैम ने दोनों को इंट्रोड्यूस करवा दिया था एक दूसरे को... आनन फानन में विकास ने रोशनी को फेसबुक पर फ्रैंड रिक्वेट भी भेज दी और शायद उधर से भी आनन फानन में रिक्वेट एसेप्ट भी हो गई.. दो चार बात में ही दोनों फेसबुक को छोड़ वहट्सएप की नगरी में निकल गए थे... दोनों को एक दूसरे के बारे में जानना था तो इसलिए मैसेज और रिप्लाई की रफ्तार दोनों तरफ तेज थी यहां...

लेकिन विकास को क्या पता था कि जब उसे हो बो जा के बारे में पता चलेगा तो उसे यह भी पता चलेगा कि रोशनी की इंटर्नशिप चंद ही दिनों में खत्म होने वाली है... न जाने क्यों जब इंटर्नशिप खत्म होने के बारे में उसे पता चला तो उसे एक अजीब सा एहसास हुआ....

कुछ दिनों बाद... आज दोनों का कभी करभी साथ आना जान भी शुरू हो गया... मैट्रो में ही मिल लिया करते था वह कभी कभी... वरना विकास की क्या मजाल थी कि ऑफिस में किसी के सामने वह उससे बात भी कर ले....

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