1 सितंबर, मंगलवार को दोनों ने साथ लंच किया था ऑफिस के ही कैंटीन में.... रोशनी की इंटर्नशिप बढ़ गई थी... अब वह एक महीने और उसी ऑफिस में काम करने वाली थी जहां विकास उसे देख सकता था.. उसके साथ आ सकता था...
इंटर्नशिप के दौरान विकास की इंटर्नशिप नहीं बढ़ी थी तो उसे बहुत बुरा लगा था... बुरा लगा था कि वह काम करना चाहता है लेकिन उसके पास काम नहीं है... लेकिन शायद उस बुरे से ज्यादा वह खुश था कि रोशनी की इंटर्नशिप बढ़ गई...
इंटर्नशिप के दौरान विकास की इंटर्नशिप नहीं बढ़ी थी तो उसे बहुत बुरा लगा था... बुरा लगा था कि वह काम करना चाहता है लेकिन उसके पास काम नहीं है... लेकिन शायद उस बुरे से ज्यादा वह खुश था कि रोशनी की इंटर्नशिप बढ़ गई...
लेकिन इतनी सरल कहां होती है जिंदगी... हमेशा की तरह अंदर ही घुट रहा था कि कैसे रोशनी से पूछे की आखिर वहट्सएप और असल जिंदगी के भेदभाव का माजरा क्या है... जहां एक तरफ मन में यह कचोटन थी तो दूसरी ओर इंटर्नशिप बढ़ने की खुशी...
बातों बातों में कई बार इशारा कर चुका था विकास लेकिन हर बार रोशनी ने उसे बात को नई दिशा में आसानी से मोड़ दिया था... कई कोशिशें खाली गुजर गई थीं....
वह रोज विकास को उसके पीछे लगे दिलफेंक आशिकों के किस्से सुनाती... वह भी बेचरा उन आशिकों और अपने बीच एक लाइन खिंचता हुए उसकी बातें सुनता...
बात बात में ही विकास ने कह दिया था कि तुम अब हमेशा के लिए यहां रहोगी... मालूम नहीं रोशनी इसका मतलब समझ भी पाई थी कि नहीं...
किसी खट्टारा गाड़ी की धीमी रफ्तार से चलती हुई वहट्सऐप चैट में विकास ने कह दिया था कि रोशनी तुम्हारी नौकरी पक्की है यहां....
रोशनी को देखते ही उसे लगा की इसके साथ ऑफिस में काफी टाइम बितने वाला है उसका.. विकास के मन में आई इस बात को आज उसने रोशनी से कहा... और करिश्मा देखिए अगले ही दिन उसे इंटरव्यू के लिए ऑफर आ गया...
No comments:
Post a Comment